हृदय रोग एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्या है, जिससे जुड़े इलाज की लागत अक्सर लोगों के लिए आर्थिक चुनौती पैदा करती है। इस समस्या का सामना कर रहे लोगों के लिए सरकार ने 'मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना' की शुरुआत की है, जिसमें हृदय रोग के उपचार की लागत में सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को मुफ्त और उच्च गुणवत्ता वाले स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के हृदय रोग का इलाज शामिल होते हैं, जिससे गरीब लोग भी उच्च-तकनीकी इलाज की सुविधा से लाभ उठा सकते हैं। यह योजना उन लोगों को संजीवनी प्रदान कर रही है जो अपने आर्थिक स्थिति के कारण हृदय रोग के उपचार की लागत नहीं उठा सकते हैं।चिरंजीवी योजना के अंतर्गत PTCA (परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी) इलाज
PTCA एक चिकित्सा प्रक्रिया है जो हृदय रोग के इलाज में कामगीर है। इसमें एक विशेष प्रकार की कठिनाई से गुजरने वाले हृदय की धमनीयों को साफ़ करने के लिए एक सुजीव ट्यूब का उपयोग किया जाता है। यह इलाज विशेष रूप से ऐसे मरीजों के लिए उपयुक्त है जिनके हृदय की धमनियों में जमावट है और उन्हें नियमित रूप से दर्द होता है। चिरंजीवी योजना के तहत PTCA इलाज का लाभ उन लोगों को होगा जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके पास स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वित्तीय साधन नहीं हैं।चिरंजीवी योजना में PTCA के इलाज़ के लिए आवश्यक दस्तावेज:
योजना में लाभ लेने के लिए मरीज का जनाधार कार्ड चालू होना अनिवार्य है। पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया के बारे में संबंधित CMHO विभाग से संपर्क करे ।अगर मरीज किसी अनुमोदित अस्पताल में चिरंजीवी योजना से Angioplasty करवाना चाहते है तो उन्हें उसी दिन अपने जनाधार कार्ड और आधार कार्ड होने की सूचना चिरंजीवी काउंटर पर स्वास्थ्य मार्गदर्शक को सूचित करना अनिवार्य होगा।जिस बिमारी / डॉक्टर से चिरंजीवी योजना में इलाज़ होना है वो अस्पताल में चिरंजीवी योजना से जुड़ा होना जरूरी हैडॉक्टर की पर्ची होना अनिवार्य है जिसमे-डॉक्टर द्वारा मरीज के बीमारी का डायग्नोसिस,साथ ही उसकी कंप्लेंट हिस्ट्री और पूर्व में कोई बीमारी है तो उसके बारे में स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए,मरीज को लगने वाले स्टेंट / छल्ले का विवरण होना चाहिए ,चिरंजीवी के कोड एवं डॉक्टर के सील (RMC No.) और हस्ताक्षर होना भी अनिवार्य है
PTCA के लिए डॉक्टर द्वारा लिखित मरीज के बीमारी के अनुसार जाँचो (जैसे एंजियोग्राफी, 2 डी इको और ईसीजी) को करवाना ज़रूरी है। बिना जाँचो के चिरंजीवी में इलाज लेना संभव नहीं है।जन आधार, आधार और मेडिकल डाक्यूमेंट्स में मरीज का नाम एक ही होने चाहिए। नाम अगर मेल नहीं होता तो मरीज को एक एफिडेविट जमा करवाना अनिवार्य होगा।सिर्फ CAG (एंजियोग्राफी) होने पर चिरंजीवी योजना का लाभ देय नहीं होता है।
आवेदन प्रक्रिया:
1. सबसे पहले मरीज के अस्पताल द्वारा बिमारी से सम्बंधित दस्तावेज देखे जाते है। जिसमे पूर्ण डॉक्टर की पर्ची एवं बीमारी से संबंधित जाँचो पर डॉक्टर के सील और हस्ताक्षर साथ ही डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर (RMC) लिखा होना अनिवार्य है। 2. चिरंजीवी के अंतर्गत अलग अलग बीमारियों के इलाज दिए जाते है। मरीज को बीमारी के अनुसार भर्ती से पूर्व जांचे करवाना अनिवार्य है। इको एवं अन्य रेडियोलोजी रिपोर्ट्स के साथ उनकी फिल्म होना भी अनिवार्य है। बीमारियों की सूचि के साथ उसमे होने वाली जाँचो की सूचि के लिए आप चिरंजीवी की ऑफिसियल साइट पर देख सकते है। 3. मरीज के भर्ती के समय चिरंजीवी योजना के अंतर्गत, मरीज की फोटो एवं बायोमेट्रिक की प्रक्रिया की जाती है। इसमें अस्पताल द्वारा मरीज के दस्तावेज पोर्टल के माध्यम से आगे चिरंजीवी में भेजे जाते है। पोर्टल पर मरीज़ की सामान्य स्थति होने पर आगे से प्री अप्रूवल मिलने के बाद ही मरीज को उपचार दिया जाता है (इमरजेंसी के केस में अप्रूवल की प्रतीक्षा नहीं की जाती है।)। अप्रूवल मिलने का समय लगभग 2 से 4 घंटे रहता है और अधिकतम 12 घंटे रहता है। भर्ती की यह पूरी प्रक्रिया एक मरीज के लिए लगभग 15 से 20 मिनट रहती है। 4. डिस्चार्ज के समय अस्पताल द्वारा दस्तावेज तैयार किये जाते है जिन्हे मरीज की लाइव फोटो एवं डॉक्टर के साथ भी मरीज की फोटो पोर्टल पर अपलोड की जाती है। साथ ही मरीज का फीडबैक फॉर्म मरीज द्वारा भरवाकर उसे पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। क्या करें
डॉक्टर परामर्श जरूर करवाए । डॉक्टर परामर्श होने के बाद ही मरीज को इलाज़ के लिए योजना के अंतर्गत भर्ती करना संभव हो पायेगा।योजना के अंतर्गत केवल भर्ती रहने पर ही इलाज मुफ्त होता है ।इलाज के लिए मरीज को जाँचे भर्ती से पूर्व करवाना अनिवार्य है। बिना जाँचो के प्री अप्रूवल लेना संभव नहीं है। जाँच में Echo, X-RAY, CT, USG या MRI है तो इनकी रिपोर्ट और फिल्म होना ज़रूरी है, साथ ही संबंधित डॉक्टर के हस्ताक्षर एवं सील के साथ डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर होना भी अनिवार्य है।मरीज का जनाधार कार्ड और आधार कार्ड होना अनिवार्य है एवं जनाधार कार्ड में आधार कार्ड नंबर के साथ-साथ आधार कार्ड में बायोमेट्रिक व मोबाइल नंबर भी अपडेट होना अनिवार्य है।योजना का लाभ केवल MMCSBY अनुमोदित अस्पताल में ही लिया जा सकता है ।
क्या न करें
OPD में चिरंजीवी के अंतर्गत कैशलेस सुविधा नहीं दी जाती है।अपरिपूर्ण जाँचो एवं डॉक्टर की पर्ची के साथ चिरंजीवी योजना के तहत इलाज संभव नहीं है।चिरंजीवी योजना के तहत मरीज का इलाज निशुल्क होता है। इसमें मरीज को किसी भी प्रकार की राशि जमा करवाने की आवश्यकता नहीं होती है।जनाधार, आधार और मेडिकल डाक्यूमेंट्स में मरीज का नाम एक ही होने चाहिए, अलग-अलग दर्ज़ न करवाए।इस योजना के अंतर्गत इलाज लेने के लिए मरीज को धैर्य रखना आवश्यक है क्योकि इसमें अस्पताल को दस्तावेजों की प्रक्रिया में समय लग सकता है। किसी भी प्रकार की हिंसा अस्पताल कर्मचारियों के साथ न करे।
जीत हॉस्पिटल का हृदय रोग विभाग एंजियोप्लास्टी उपचार में माहिर है। इस अस्पताल के हृदय रोग विभाग में, चिकित्सा विशेषज्ञ और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता रोगियों को व्यापक देखभाल प्रदान करने के लिए हैं। जीत हॉस्पिटल ने मरीजों को चिरंजीवी योजना के तहत मुफ्त PTCA उपचार प्रदान किया है। इस अस्पताल में, हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का उपचार करने में विशेषज्ञता है, और उन्होंने इस योजना के तहत कई मरीजों को नई आशा दी है। चिरंजीवी योजना के अंतर्गत मुफ्त एंजियोप्लास्टी के लिए जीत हॉस्पिटल से संपर्क करने के लिए आप इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं: 9950059980
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