डिमेंशिया का जोखिम कैसे कम करें? WHO की नई गाइडलाइंस से समझें

उम्र बढ़ने के साथ कुछ लोगों को चीजें याद रखने में कठिनाई हो सकती है। लेकिन बार-बार परिचित रास्ता भूल जाना, रोजमर्रा के कामों में परेशानी होना या सोचने-समझने की क्षमता में लगातार बदलाव आना केवल सामान्य उम्र बढ़ने का हिस्सा मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डिमेंशिया (Dementia) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें याददाश्त, सोचने, समझने और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके कई कारण हो सकते हैं और अल्जाइमर रोग इसका एक प्रमुख कारण है।

WHO ने जुलाई 2026 में cognitive decline और dementia के जोखिम को कम करने के लिए अपने दिशानिर्देशों का दूसरा संस्करण जारी किया। इनमें शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ आहार, तंबाकू से बचाव, रक्तचाप और मधुमेह का प्रबंधन, सामाजिक जुड़ाव तथा वायु प्रदूषण के संपर्क को कम करने जैसे उपाय शामिल हैं।

डिमेंशिया का जोखिम कुछ हद तक कम किया जा सकता है, लेकिन कोई भी जीवनशैली बदलाव यह गारंटी नहीं देता कि किसी व्यक्ति को भविष्य में डिमेंशिया नहीं होगा। उम्र, आनुवंशिकता और अन्य स्वास्थ्य कारक भी इसमें भूमिका निभाते हैं।

डिमेंशिया के जोखिम को कम करने में जीवनशैली, शारीरिक गतिविधि, रक्तचाप नियंत्रण, सामाजिक जुड़ाव और स्वस्थ उम्र बढ़ने की भूमिका पर आधारित लेख।

1. डिमेंशिया क्या है?

डिमेंशिया किसी एक बीमारी का नाम नहीं, बल्कि लक्षणों का एक समूह है, जिसमें याददाश्त और अन्य मानसिक क्षमताएँ इतनी प्रभावित हो सकती हैं कि व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी कठिन होने लगती है।

इसके लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • हाल की घटनाएँ बार-बार भूलना।

  • परिचित काम करने में कठिनाई।

  • बातचीत या शब्दों को समझने में परेशानी।

  • समय और स्थान को लेकर भ्रम।

  • निर्णय लेने या समस्या सुलझाने की क्षमता में बदलाव।

  • व्यवहार या व्यक्तित्व में लगातार परिवर्तन।

हर भूलने की समस्या डिमेंशिया नहीं होती। नींद की कमी, तनाव, कुछ दवाएँ, अवसाद और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ भी याददाश्त को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए लक्षण बने रहने या बढ़ने पर डॉक्टर से मूल्यांकन करवाना जरूरी है।

2. WHO की 2026 की नई गाइडलाइंस में क्या बताया गया है?

WHO के 15 जुलाई 2026 के दिशानिर्देशों में डिमेंशिया के जोखिम को कम करने के लिए स्वस्थ व्यवहार, पुरानी बीमारियों का प्रबंधन और पर्यावरणीय जोखिमों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

WHO के अनुसार, डिमेंशिया के जोखिम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ऐसे कारकों से जुड़ा है जिनमें बदलाव संभव है। संगठन ने संभावित रूप से संशोधित किए जा सकने वाले जोखिम कारकों से जुड़े योगदान को 45% तक बताया है। यह जनसंख्या स्तर का अनुमान है, किसी व्यक्ति के लिए व्यक्तिगत भविष्यवाणी नहीं।

इन सिफारिशों का उद्देश्य मस्तिष्क के स्वास्थ्य को जीवन के अलग-अलग चरणों में बेहतर बनाए रखने में मदद करना है।

3. नियमित शारीरिक गतिविधि क्यों जरूरी है?

शारीरिक गतिविधि हृदय और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।

अपनी क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार:

  • नियमित पैदल चलने की आदत बनाएँ।

  • लंबे समय तक लगातार बैठे रहने के बीच छोटे सक्रिय ब्रेक लें।

  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार व्यायाम या अन्य शारीरिक गतिविधियाँ अपनाएँ।

  • यदि संतुलन या चलने में परेशानी है, तो सुरक्षित गतिविधियों के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें।

यदि आपको हृदय रोग, गंभीर गठिया या कोई अन्य ऐसी स्थिति है जो व्यायाम को प्रभावित करती है, तो नई गतिविधि शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें।

4. ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें

उच्च रक्तचाप, मधुमेह और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल मस्तिष्क तथा रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। इन स्थितियों का सही प्रबंधन डिमेंशिया के जोखिम को कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

इसके लिए:

  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जाँच करवाएँ।

  • निर्धारित दवाएँ नियमित रूप से लें।

  • ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर का रिकॉर्ड रखें, यदि सलाह दी गई हो।

  • संतुलित आहार और शारीरिक गतिविधि पर ध्यान दें।

  • दवा की खुराक स्वयं न बदलें।

किसी एक रीडिंग या जाँच से भविष्य में डिमेंशिया होने या न होने का पता नहीं चलता। नियमित स्वास्थ्य देखभाल लंबे समय में जोखिम कारकों को नियंत्रित करने में मदद करती है।

5. स्वस्थ आहार और तंबाकू से दूरी का क्या महत्व है?

स्वस्थ आहार हृदय, रक्त वाहिकाओं और समग्र स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। भोजन में विभिन्न प्रकार की सब्जियाँ, फल, साबुत अनाज, दालें और उपयुक्त प्रोटीन स्रोत शामिल किए जा सकते हैं।

साथ ही:

  • तंबाकू का सेवन न करें।

  • शराब का सेवन न करना सबसे सुरक्षित विकल्प है; यदि सेवन करते हैं, तो जोखिम और मात्रा के बारे में चिकित्सकीय सलाह लें।

  • बहुत अधिक नमक और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को सीमित रखें।

  • अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार संतुलित आहार अपनाएँ।

विटामिन या अन्य सप्लीमेंट केवल डिमेंशिया रोकने के उद्देश्य से अपने आप शुरू न करें। WHO की 2026 की सिफारिशें बताती हैं कि बिना प्रमाणित कमी के विटामिन B और E, ओमेगा-3 तथा मल्टीविटामिन सप्लीमेंट को डिमेंशिया जोखिम कम करने के लिए नियमित रूप से लेने का पर्याप्त प्रमाण नहीं है।

यदि किसी व्यक्ति में पोषण की कमी पाई जाती है, तो उसका उपचार अलग चिकित्सकीय विषय है।

6. मानसिक गतिविधि और सामाजिक जुड़ाव बनाए रखें

सीखना, बातचीत करना और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना संज्ञानात्मक स्वास्थ्य को सहारा दे सकता है।

आप अपनी रुचि के अनुसार:

  • किताबें पढ़ सकते हैं।

  • संगीत या कोई नई गतिविधि सीख सकते हैं।

  • परिवार और मित्रों से नियमित बातचीत कर सकते हैं।

  • समूह गतिविधियों में भाग ले सकते हैं।

  • पहेलियाँ या अन्य मानसिक गतिविधियाँ कर सकते हैं।

WHO की नई सिफारिशों में cognitive training, cognitive stimulation और सामाजिक गतिविधियों को सामान्य संज्ञानात्मक क्षमता वाले वयस्कों तथा mild cognitive impairment वाले कुछ लोगों के लिए जोखिम कम करने की रणनीतियों में शामिल किया गया है।

हालांकि, किसी एक खेल या गतिविधि को डिमेंशिया रोकने का निश्चित तरीका नहीं माना जाना चाहिए।

7. सुनने की क्षमता और वायु प्रदूषण पर ध्यान दें

WHO की 2026 की गाइडलाइंस में पर्यावरणीय जोखिमों, विशेष रूप से वायु प्रदूषण के संपर्क को कम करने पर भी ध्यान दिया गया है।

सुनने की क्षमता में कमी होने पर बातचीत और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना कठिन हो सकता है। यदि सुनने में परेशानी हो, तो जाँच करवाएँ। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर hearing aids या अन्य उपायों की सलाह दे सकते हैं।

वायु प्रदूषण के संपर्क को कम करने के लिए स्थानीय वायु गुणवत्ता संबंधी सलाह का पालन करें। प्रदूषण अधिक होने पर बाहरी गतिविधियों के समय और स्थान पर विचार करें तथा आवश्यकतानुसार उपयुक्त सुरक्षा उपाय अपनाएँ।

ये कदम डिमेंशिया का पूर्ण बचाव नहीं हैं, लेकिन व्यापक स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

8. डिमेंशिया के शुरुआती लक्षणों को कब गंभीरता से लें?

यदि याददाश्त या सोचने-समझने की क्षमता में लगातार बदलाव हो रहा है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

विशेष रूप से ध्यान दें यदि व्यक्ति:

  • हाल की बातचीत या घटनाएँ बार-बार भूलने लगे।

  • परिचित कामों को पूरा करने में कठिनाई महसूस करे।

  • समय, स्थान या परिचित लोगों को पहचानने में परेशानी अनुभव करे।

  • पैसों या दवाओं का प्रबंधन पहले की तरह न कर पाए।

  • व्यवहार या व्यक्तित्व में लगातार बदलाव दिखाए।

अचानक भ्रम, चेहरे या हाथ-पैर में कमजोरी, बोलने में परेशानी या अचानक संतुलन बिगड़ने जैसे लक्षणों को सामान्य डिमेंशिया का संकेत मानकर इंतजार न करें। ये किसी आपातकालीन स्थिति, जैसे स्ट्रोक, के संकेत हो सकते हैं और तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या डिमेंशिया को पूरी तरह रोका जा सकता है?

नहीं। डिमेंशिया के सभी कारणों को नियंत्रित नहीं किया जा सकता। लेकिन स्वस्थ जीवनशैली और कुछ स्वास्थ्य जोखिमों का प्रबंधन जोखिम कम करने में मदद कर सकता है।

2. WHO की 2026 की डिमेंशिया गाइडलाइंस में क्या नया है?

दूसरे संस्करण में स्वस्थ व्यवहार और पुरानी बीमारियों के प्रबंधन के साथ पर्यावरणीय जोखिमों को कम करने तथा जीवनशैली संबंधी उपायों पर अद्यतन सिफारिशें शामिल हैं।

3. क्या भूलने की समस्या हमेशा डिमेंशिया होती है?

नहीं। नींद की कमी, तनाव, अवसाद, कुछ दवाएँ और अन्य स्वास्थ्य स्थितियाँ भी याददाश्त को प्रभावित कर सकती हैं। लगातार या बढ़ती परेशानी का चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी है।

4. क्या विटामिन या ओमेगा-3 सप्लीमेंट डिमेंशिया रोकते हैं?

बिना प्रमाणित कमी के इन सप्लीमेंट्स को केवल डिमेंशिया जोखिम कम करने के लिए नियमित रूप से लेने का पर्याप्त प्रमाण नहीं है। सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

5. क्या नियमित व्यायाम डिमेंशिया का जोखिम कम कर सकता है?

शारीरिक गतिविधि समग्र और मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है तथा डिमेंशिया जोखिम कम करने की रणनीतियों में शामिल है। हालांकि, इससे जोखिम पूरी तरह समाप्त होने की गारंटी नहीं होती।

निष्कर्ष

डिमेंशिया के जोखिम को कम करने के लिए किसी एक उपाय पर निर्भर रहने के बजाय लंबे समय तक स्वस्थ आदतें बनाए रखना महत्वपूर्ण है। नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार, तंबाकू से दूरी, रक्तचाप और मधुमेह का प्रबंधन, सामाजिक जुड़ाव और सुनने की समस्या का समय पर मूल्यांकन मस्तिष्क के स्वास्थ्य को सहारा दे सकते हैं।

WHO की 2026 की गाइडलाइंस इसी व्यापक दृष्टिकोण पर जोर देती हैं। यदि याददाश्त या व्यवहार में लगातार बदलाव दिखाई दें, तो समय पर चिकित्सकीय मूल्यांकन करवाएँ।

संबंधित चिकित्सा विभागों की जानकारी के लिए JMCH के Clinical Departments का पेज देखें। अन्य जानकारी के लिए JMCH Contact Us पर जाएँ।

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। याददाश्त या व्यवहार में बदलाव होने पर योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।

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